Showing posts with label humour poems. Show all posts
Showing posts with label humour poems. Show all posts

Sunday, June 17, 2012

Shaan e Maut - Ankit R Nema

शान ऐ मौत
___________________
 ताउम्र जलो तन्हाई की आग मे, 
 नहीं आता कोई बुझाने को.,
जरा बुझने दो साँसों की शमा,
 काफिला चलेगा पीछे फिर से आग लगाने को,

एक क़दम जमीन नहीं मिलती कदम बढ़ाने को,
थमने दो साँसे, दो गज जमीन आएगी हिस्से ख़ाक में मिलाने को ,

एक कन्धा भी नहीं हासिल, अश्क बहाने को
 गुजरेंगे जब , पीछे दौड़ेगा जमाना काँधे पर उठाने को ,

नहीं शामिल मेरे गम में कोई ,
आने दो दिन रुखसती का,
मायूस चेहरे के संग आएगा दुश्मन भी,
जनाजे पर, अश्क गिराने को

~~ अंकित आर नेमा ~~
___________________

Saturday, December 24, 2011

Shiv Ka Dhanush - Kaka Hathrasi


________________________________


शिव का धनुष
________________________________

विद्यालय में आ गए इंस्पेक्टर इस्कूल
छठी क्लास में पढ़ रहा विद्यार्थी हरफूल
विद्यार्थी हरफूल, प्रश्न उससे कर बैठे
किसने तोड़ा शिव का धनुष बताओ बेटे
छात्र सिटपिटा गया बेचारा, धीरज छोड़ा
हाथ जोड़कर बोला, सर, मैंने न तोड़ा

उत्तर सुनकर आ गया, सर के सर को ताव
फौरन बुलवाए गए हेड्डमास्टर सा'ब
हेड्डमास्टर सा'ब, पढ़ाते हो क्या इनको
किसने तोड़ा धनुष नहीं मालूम है जिनको
हेडमास्टर भन्नाया, फिर तोड़ा किसने
झूठ बोलता है, ज़रूर तोड़ा है इसने

इंस्पेक्टर अब क्या कहे, मन ही मन मुस्कात
ऑफिस में आकर हुई, मैनेजर से बात
मैनेजर से बात, छात्र में जितनी भी है
उससे दुगुनी बुद्धि हेडमास्टर जी की है
मैनेजर बोला, जी हम चन्दा कर लेंगे
नया धनुष उससे भी अच्छा बनवा देंगे


शिक्षा-मंत्री तक गए जब उनके जज़्बात
माननीय गदगद हुए, बहुत खुशी की बात
बहुत खुशी की बात, धन्य हैं ऐसे बच्चे
अध्यापक, मैनेजर भी हैं कितने सच्चे
कह दो उनसे, चन्दा कुछ ज़्यादा कर लेना
जो बैलेन्स बचे वह हमको भिजवा देना


~~ काका हथरसी ~~
________________________________