Showing posts with label Ek arsa beet gaya sote hue. Show all posts
Showing posts with label Ek arsa beet gaya sote hue. Show all posts

Sunday, June 17, 2012

Ek arsa beet gaya sote hue - Ankita Jain

एक अरसा बीत गया सोते हुए
_______________ 

एक अरसा बीत गया सोते हुए !
अब तो स्वपन निद्रा से जागो ,
इंतज़ार में है नया सबेरा तुम्हारे,
अब तो उस कुभ्कर्ण से दूर भागो !!

कुछ साल पहले
बनाया था एक संविधान,
गोरों से आज़ाद होकर,
किया प्रजातंत्र निर्माण !
फिर सोये बस ऐसे खोकर,
सब कुछ नेताओं को देकर !
माना की बासठ साल बीत गए
मगर अब भी कुछ उम्मीद बाकि है
बस एक स्वर में ही तो चिल्लाना है
कि सरकार अब भी हमारी है
तो अब सोचने समय न गंवाओ प्यारे
बस तुम दोड़ लगादो !
इंतज़ार में है नया सबेरा तुम्हारे,
अब तो उस कुभ्कर्ण से दूर भागो !!


अरे किस डर दुपकर बैठे हो,
या बस TV पर भाषण के मजे ले रहे हो !
किस ललकार से जागेगा,
पत्थर दिल तुम्हारा !
समझो उनके दर्द को,
जिन्होंने खोया है अपना सहारा !
अन्ना और कुमार सब,
लड़ रहे किसके लिए?
जो घरों में सो रहे
हाथों में रिमोट लिए !
दावा है दानव डर जायेंगे
बस एक साथ चिल्ला दो
इंतज़ार में है नया सबेरा तुम्हारे,
अब तो उस कुभ्कर्ण से दूर भागो !!

~~ अंकिता जैन ~~
 _______________