Showing posts with label Saare Jahan Se Accha. Show all posts
Showing posts with label Saare Jahan Se Accha. Show all posts

Friday, July 2, 2010

सारे जहाँ से अच्छा - मुहम्मद इक़बाल Saare Jahan Se Accha - Md. Iqbal

_______________________________________________

सारे जहाँ से अच्छा
हिंदुस्तान हमारा
हम बुलबुलें हैं उसकी
वो गुलसिताँ हमारा।
परबत वो सबसे ऊँचा
हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा
वो पासबाँ हमारा।

गोदी में खेलती हैं
जिसकी हज़ारों नदियाँ
गुलशन है जिनके दम से
रश्क-ए-जिनाँ हमारा।

मज़हब नहीं सिखाता
आपस में बैर रखना
हिंदी हैं हम वतन है
हिंदुस्तान हमारा।

- मुहम्मद इक़बाल

_______________________________________________